डीएम मयूर दीक्षित
हरिद्वार | कार्यालय संवाददाता हरिद्वार जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने देर रात उप जिला मेला चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मेला अस्पताल: गंदे कंबल देख भड़के जिलाधिकारी
निरीक्षण की शुरुआत उप जिला मेला चिकित्सालय से हुई। जिलाधिकारी ने वार्डों में जाकर मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। साफ-सफाई में ढिलाई और कंबलों की स्थिति संतोषजनक न होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि बेड शीट और कंबलों की नियमित धुलाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने कहा, “मरीजों को स्वच्छ और पर्याप्त कंबल उपलब्ध कराए जाएं, यदि कमी है तो तत्काल नए कंबलों की खरीद करें।”
महिला अस्पताल: ‘रेफरल सेंटर’ न बनाएं, अस्पताल में ही दें इलाज
जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम और वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं की स्थिति जानी। उन्होंने डॉक्टरों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण उपचार यहीं प्रदान करना सुनिश्चित करें।
व्यवस्था सुधार के लिए ‘डेडलाइन’ तय
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल इलाज ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर दिया:
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सुरक्षा व बिजली: सभी सीसीटीवी कैमरे चालू रहें और खराब लाइटों को तुरंत ठीक किया जाए।
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पेयजल: खराब वाटर कूलर को दुरुस्त कर शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाए।
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अनुशासन: सफाई कर्मचारी अनिवार्य रूप से वर्दी में रहें और पुराने साइन बोर्ड हटाकर नए लगाए जाएं।
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आपातकालीन सेवा: 108 एंबुलेंस सेवा हर समय सक्रिय और उपलब्ध रहे।
“जनपद के अस्पतालों में आने वाला हर मरीज बेहतर इलाज का हकदार है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।” > — मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
