शिक्षा विभाग उत्तराखंड
प्रदेश के 13,825 स्कूलों में लागू होगी योजना; शिक्षकों के लिए विशेष ‘CPD’ कार्यक्रम तैयार
देहरादून: उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को ‘स्मार्ट’ और ‘हाई-टेक’ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पारंपरिक ब्लैकबोर्ड शिक्षण के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जादू भी देखने को मिलेगा। सरकार ने शिक्षकों को एआई तकनीक में दक्ष बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
क्या है ‘CPD’ कार्यक्रम?
शिक्षकों के कौशल विकास के लिए एक विशेष सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण मॉड्यूल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:
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एआई का व्यावहारिक उपयोग: पाठ योजना तैयार करने और जटिल विषयों को सरल बनाने में एआई की मदद।
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डिजिटल टूल्स: शिक्षण को रोचक बनाने के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर का प्रयोग।
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स्मार्ट क्लासरूम: टेक्नोलॉजी आधारित कक्षाओं का कुशल संचालन।
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डेटा आधारित शिक्षण: छात्रों के प्रदर्शन का डेटा विश्लेषण कर उनकी कमियों को दूर करना।
13,825 स्कूलों का बदलेगा स्वरूप
राज्य के लगभग 13,825 सरकारी स्कूलों में इस महत्वाकांक्षी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरी तरह से राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित होगा, जिससे उत्तराखंड के छात्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
छात्रों के लर्निंग आउटकम में होगा सुधार
सरकार का मानना है कि जब शिक्षक एआई आधारित नवाचारों (Innovations) से लैस होंगे, तो इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा। इससे न केवल उनकी सीखने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि परीक्षा परिणामों में भी गुणात्मक सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तराखंड को ‘एजुकेशन हब’ के रूप में नई पहचान दिलाएगी।
“शिक्षा में तकनीक का समावेश समय की मांग है। हमारा लक्ष्य शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है, ताकि वे एआई के माध्यम से बच्चों को अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें।” > — शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार
