शिक्षा
देहरादून। उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समग्र शिक्षा और देवी संस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
तीन जिलों से होगी शुरुआत
राज्य परियोजना निदेशक दीप्ति सिंह के मार्गदर्शन में यह करार संपन्न हुआ। योजना के पहले चरण में हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर को चुना गया है, जहाँ FLN कार्यक्रम को पायलट आधार पर लागू किया जाएगा। इन जिलों में सफलता मिलने के बाद, इस मॉडल को पूरे प्रदेश के स्कूलों में विस्तार दिया जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
MoU पर हस्ताक्षर के दौरान अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती और राज्य नोडल अधिकारी डॉ. भगवती प्रसाद मैंदोली उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि देवी संस्थान के साथ यह साझेदारी छात्रों के सीखने की क्षमता में सुधार करने और शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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क्या है FLN का लक्ष्य?
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों में पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय गणनाओं की समझ विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर नींव मजबूत होने से आने वाले समय में राज्य के ड्रॉप-आउट रेट में कमी आएगी और छात्रों का शैक्षणिक स्तर बेहतर होगा।
