हरिद्वार कुंभ
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रेल यात्रा उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार रेलवे की योजना केवल हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हरिद्वार, ऋषिकेश और आसपास के कुल 10 रेलवे स्टेशनों को कुंभ संचालन नेटवर्क से जोड़कर यात्रियों का दबाव कम करने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और कई ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की भी व्यवस्था की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए वैकल्पिक रेलवे स्टेशनों का उपयोग किया जाएगा।
इन स्टेशनों को मिलेगा विशेष महत्व
रेलवे की योजना के तहत हरिद्वार के अलावा ऋषिकेश, योगनगरी ऋषिकेश, हर्रावाला, रायवाला, मोतीचूर, ज्वालापुर, पथरी, लक्सर और रुड़की रेलवे स्टेशन को भी कुंभ संचालन योजना में शामिल किया गया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए व्यापक स्तर पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
यात्री सुविधाओं का होगा विस्तार
कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे सभी चयनित स्टेशनों पर आवश्यक व्यवस्थाएं मजबूत कर रहा है। इनमें शामिल हैं—
- टिकट काउंटर और टिकट वितरण व्यवस्था का विस्तार
- स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था
- शौचालयों का उन्नयन और नियमित सफाई
- प्रतीक्षालयों का विस्तार
- हाईमास्ट एवं अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था
- यात्री सूचना प्रणाली को आधुनिक बनाना
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती
- भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया का निर्माण
रेलवे का मानना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर अनुभव मिलेगा और हरिद्वार स्टेशन पर अनावश्यक दबाव कम होगा।
कई ट्रेनों का होगा अस्थायी ठहराव
रेलवे विशेष कुंभ ट्रेनों के संचालन के साथ-साथ कई नियमित ट्रेनों के भी चयनित स्थानीय स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव की योजना तैयार कर रहा है। इससे श्रद्धालुओं को केवल हरिद्वार स्टेशन पर उतरने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने गंतव्य के अनुसार नजदीकी स्टेशन का विकल्प चुन सकेंगे।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों के अस्थायी ठहराव से यात्रियों का वितरण बेहतर तरीके से हो सकेगा, जिससे प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में भीड़ कम रहेगी और आवागमन अधिक सुगम होगा। कुंभ मेले की विशाल व्यवस्थाओं को देखते हुए रेलवे, उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संयुक्त कार्ययोजना के तहत रेलवे स्टेशनों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कई स्टेशनों पर शुरू हुए विकास कार्य
रेलवे ने ज्वालापुर, मोतीचूर तथा अन्य प्रमुख स्टेशनों पर आवश्यक विकास कार्य भी शुरू कर दिए हैं। इनमें सुरक्षा दीवारों की मरम्मत, नए प्रवेश एवं निकास द्वार, प्लेटफॉर्म फर्श का सुधार, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों का उन्नयन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि कुंभ मेले को लेकर रेलवे की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार, विकास कार्य तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं।
रेलवे का उद्देश्य है कि आगामी कुंभ मेले के दौरान देशभर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो सकें।
