एम्स ऋषिकेश
*अब ओपीडी पंजीकरण के लिए नहीं लगनी होगी लंबी लाइनें
*स्थानीय निवासियों के लिए विशेष ओपीडी पर्चा काउंटर शुरू; 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि से होगा अस्पताल का महा-विस्तार
ऋषिकेश। उत्तराखंड के मरीजों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में इलाज के लिए आने वाले राज्य के स्थानीय मरीजों को अब ओपीडी पंजीकरण (पर्चा बनवाने) के लिए घंटों लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों की सहूलियत को देखते हुए एम्स प्रशासन ने उत्तराखंड के निवासियों के लिए एक विशेष अलग ओपीडी काउंटर की शुरुआत की है।
स्थानीय विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सोमवार को एम्स परिसर में इस विशेष काउंटर का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय मरीजों की परेशानी को देख लिया गया फैसला
एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे कई राज्यों से रोजाना हजारों मरीज पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण ओपीडी काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती थीं, जिसका सबसे बुरा असर बुजुर्गों, गंभीर मरीजों और दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर पड़ता था। पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय जनता लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। उनके अनुरोध पर एम्स प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह अलग व्यवस्था लागू की है, जिससे मरीजों के समय की बचत होगी और उन्हें जल्द डॉक्टर का परामर्श मिल सकेगा।
जन औषधि केंद्र पर भी बनेगा अलग काउंटर
मरीज और तीमारदारों को राहत देने का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। पूर्व मंत्री ने घोषणा की कि ओपीडी के बाद अब जल्द ही एम्स परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र में भी उत्तराखंड के मरीजों के लिए अलग काउंटर खोलने की योजना है। इससे मरीजों को सस्ती और जरूरी दवाइयां लेने के लिए भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
200 एकड़ अतिरिक्त भूमि से बदलेगी एम्स की सूरत
एम्स ऋषिकेश के भविष्य और विस्तार को लेकर प्रेमचंद अग्रवाल ने एक और बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अस्पताल के विस्तार के लिए करीब 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी सकारात्मक चर्चा हो चुकी है। जमीन मिलने के बाद एम्स में ये बड़े बदलाव होंगे:
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नए आधुनिक भवनों का निर्माण किया जा सकेगा।
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अस्पताल में बेड क्षमता (Bed Capacity) को बढ़ाया जाएगा।
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कई नई सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं और आधुनिक उपकरण शामिल होंगे।
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सुदूर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
मुख्य आकर्षण: एक नज़र में
विशेष काउंटर: उत्तराखंड के निवासियों के लिए अलग ओपीडी पंजीकरण की सुविधा शुरू।
अगला लक्ष्य: दवाइयों के लिए जन औषधि केंद्र में भी बनेगा नया काउंटर।
महा-विस्तार: बेड और सुविधाएं बढ़ाने के लिए 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि का प्रस्ताव तैयार।
