एराड़ी गांव में 144 नाली जमीन की बिक्री पर घमासान: ग्रामीणों के विरोध के बाद डीएम ने बिठाई चार सदस्यीय जांच समिति
पौड़ी: जनपद के सबधारखाल क्षेत्र स्थित एराड़ी गांव में 144 नाली भूमि की खरीद-फरोख्त का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस भारी-भरकम भू-सौदे के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे इलाके का राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। ग्रामीणों के कड़े विरोध और संभावित जल संकट की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
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विवादित भू-भाग: 144 नाली जमीन की बिक्री।
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स्थान: एराड़ी गांव, सबधारखाल क्षेत्र (पौड़ी जिला)।
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मुख्य चिंता: क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोत और करीब 65 ग्राम सभाओं की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा।
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प्रशासनिक कदम: जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन।
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विक्रेताओं का पक्ष: भूमि निजी थी, बिक्री समझौता एक साल पहले हुआ था, और जमीन केवल स्थानीय लोगों को ही दी जाएगी जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जल संकट और पर्यावरण को लेकर ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि इस बड़े भू-भाग पर कॉलोनियां विकसित की गईं, तो इससे पर्यावरण और जल स्रोतों पर भारी दबाव पड़ेगा।
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लक्ष्मण सिंह बुटोला (स्थानीय ग्रामीण): क्षेत्र में लगभग 250 कॉलोनियां विकसित किए जाने की चर्चाएं हैं। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले समय में करीब 65 ग्राम सभाओं के लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण इसी का विरोध कर रहे हैं।
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रोहित भट्ट (स्थानीय निवासी): आरटीआई (सूचना के अधिकार) के जरिए ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी भूमि थी और वास्तव में कितनों की बिक्री हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
भूमि विक्रेताओं का पक्ष
दूसरी ओर, भूमि बेचने वाले राजेन्द्र सिंह व परवीन सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह उनकी निजी भूमि थी, जिसका सौदा एक साल पहले हुआ था।
“लिखित रूप से यह सुनिश्चित किया गया है कि भूमि बाहरी लोगों को नहीं बल्कि स्थानीय लोगों को ही दी जाएगी। इस प्रस्तावित विकास से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।” — विक्रेता पक्ष
प्रशासन का सख्त रुख और जांच समिति
विवाद की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने खुद इसका संज्ञान लिया है।
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जिलाधिकारी का बयान: मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है।
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यह समिति भूमि की श्रेणी, बिक्री की अनुमति प्रक्रिया और अन्य सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी, जिसके बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, एराड़ी गांव में मचे इस घमासान के बीच सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
