भाजपा विधायक दिलीप रावत
गढ़वाली जी को ‘बुद्धिहीन’ बताने पर भड़के सूर्यकांत धस्माना, कहा- यह उत्तराखंड की अस्मिता का अपमान, सरकार मांगे माफी।
पौड़ी: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। ताजा विवाद पौड़ी जिले की लैंसडाउन विधानसभा सीट से भाजपा विधायक दिलीप रावत के एक बयान को लेकर खड़ा हुआ है। विधायक दिलीप रावत द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी और पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को कथित तौर पर “बुद्धिमान नहीं थे” यानी ‘बुद्धिहीन’ कहे जाने के बाद पूरे प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है। इस बयान को न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों बल्कि पूरे उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान का सीधा अपमान माना जा रहा है।
अस्मिता पर चोट, बर्दाश्त नहीं करेगी जनता: कांग्रेस
विधायक के इस बयान के बाद विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह आक्रामक हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे देवभूमि के नायकों का घोर अपमान करार दिया है। धस्माना ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली देश और राज्य की शान हैं, उनके खिलाफ ऐसी ओछी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भाजपा आलाकमान से मांग की है कि विधायक दिलीप रावत (दलीप महंत) को तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कृत्य के लिए भाजपा सरकार को पूरे उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। क्षेत्र में इस बयान को लेकर आम जनता और राज्य आंदोलनकारियों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
