ई-रिक्शा चालक के कागजातों की जांच
हरिद्वार में अधिकारियों ने खुद आम यात्री बनकर की औचक जांच; 2 विक्रम सीज, 105 वाहनों के चालान और कुल 25 गाड़ियां हुईं जब्त।
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घटनास्थल: रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन, हरिद्वार (दूरी करीब 3 किलोमीटर)।
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मुख्य कार्रवाई: एआरटीओ निखिल शर्मा ने खुद बनकर यात्री पकड़ा खेल; 2 विक्रम जब्त।
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कुल एक्शन: 105 वाहनों के चालान काटे गए और 25 वाहन सीज किए गए।
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निर्देश: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आदेश पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई।
धर्मनगरी हरिद्वार में बाहर से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों से ऑटो, विक्रम और बैटरी रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने का खेल उस वक्त उजागर हो गया, जब खुद परिवहन विभाग के अधिकारी आम यात्री बनकर सड़क पर उतर आए। रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक की महज तीन किलोमीटर की दूरी के लिए विक्रम चालक ने एआरटीओ निखिल शर्मा से ही 300 रुपये किराया मांग लिया, जबकि इस रूट का तय किराया मात्र 50 रुपये है।
कैसे हुआ खुलासा?
लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। स्थिति की सच्चाई परखने के लिए अधिकारियों ने आम यात्रियों का भेस बदलकर ऑटो और विक्रमों में सफर किया।
जब एआरटीओ निखिल शर्मा ने रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने के लिए विक्रम पकड़ा, तो चालक ने 3 किलोमीटर के लिए 300 रुपये (निर्धारित किराए से छह गुना अधिक) मांग डाले। पोल खुलते ही परिवहन विभाग की टीम ने तुरंत दोनों विक्रमों को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें कार्यालय लाकर सीज कर दिया।
बड़ी कार्रवाई: 105 चालान और 25 वाहन जब्त
इस औचक चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने नियमों की अनदेखी करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की:
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कुल चालान: 105 वाहनों के विभिन्न नियमों के उल्लंघन में चालान किए गए।
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कुल जब्ती: कुल 25 वाहनों को सीज किया गया।
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अन्य खुलासे: चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग करता हुआ एक ई-रिक्शा और बिना पंजीकरण (बिना नंबर प्लेट/दस्तावेजों के) चल रहे दो ई-रिक्शा भी पकड़े गए, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया।
अधिकारियों का बयान
एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली, ओवरलोडिंग और बिना पंजीकरण के वाहन चलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस तरह की आकस्मिक और सख्त जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।”
