चंदन जीना पर ED की कार्रवाई से खफा हरीश रावत
- स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
-
मुख्य पात्र: हरीश रावत (पूर्व मुख्यमंत्री) और चंदन सिंह जीना (पूर्व OSD)
-
मुद्दा: नौकरी व सिफारिश के बदले पैसे लेने के आरोपों का खंडन और ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया।
देहरादून की मुख्य राजनीतिक हलचल
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने पूर्व ओएसडी (OSD) चंदन सिंह जीना पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और खुद पर लग रहे गंभीर आरोपों के बाद बेहद भावुक नजर आए। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए उन्होंने मां की कसम खाई और स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी नौकरी या सिफारिश के बदले एक पैसा नहीं लिया।
मां की सौगंध खाकर क्या बोले हरीश रावत?
भावुक अंदाज में अपनी तीन माताओं (जगत जननी, मां दुर्गा और धरती मां- उत्तराखंड) को याद करते हुए हरीश रावत ने कहा:
“उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर और मेरे राजनीतिक जीवन पर कलंक लगाने का एक कुचक्र रचा जा रहा है। मैंने अपने जीवन में कभी किसी को नौकरी देने या राजनीतिक पद दिलाने के बदले एक पैसा लेना तो दूर, उसकी चाय या पानी तक नहीं पिया है। यदि मैंने ऐसा कुछ किया हो, तो मेरी माता मुझे श्राप दें कि मैंने उनके दूध को लज्जित किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि वे इस झूठे कलंक के साथ इस दुनिया से नहीं जाना चाहते और जगदंबा से प्रार्थना करते हैं कि जब तक इस कलंक को धो नहीं देते, तब तक उनकी सांसें चलती रहें।
चंदन सिंह जीना पर ED की कार्रवाई से चिंता
अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का जिक्र करते हुए हरीश रावत ने दुख व्यक्त किया और कहा कि जो व्यक्ति साए की तरह उनकी सेवा में रहा, आज उसकी जीवनभर की पूंजी को सीज कर दिया गया है।
-
बच्चों की शिक्षा और आजीविका की फिक्र: हरीश रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना को अपने बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना है।
-
खुद की स्थिति पर बयान: उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके पास खुद इतने साधन नहीं हैं कि वे अपने घर का खर्च आसानी से उठा सकें, ऐसे में चंदन के परिवार की यह स्थिति उनके लिए गहरी चिंता का विषय है।
पुराने विवादों पर भी किया पलटवार
हरीश रावत ने याद दिलाया कि इससे पहले भी उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने के षड्यंत्र रचे गए थे:
-
साल 2017 का चुनाव: जुमे की नमाज की छुट्टी किए जाने का दुष्प्रचार।
-
साल 2022 का चुनाव: मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाए जाने का झूठा आरोप।
उन्होंने कहा कि इन सभी आरोपों का आज तक कोई साक्ष्य या प्रमाण नहीं मिल पाया है।
