सीएम पुष्कर सिंह धामी
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी लगातार धामी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रही है। हाल ही में दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अदाणी समूह को मिले उत्तराखंड कोल पावर प्लांट को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इन तमाम तीखे हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज किया और पार्टी पर कड़ा राजनीतिक पलटवार किया है।
कांग्रेस के आरोप झूठ की बुनियाद पर: सीएम धामी
शुक्रवार को देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास वर्तमान में कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। वे केवल झूठ की बुनियाद पर राजनीति कर रहे हैं, जो जनता के सामने जल्द ही बेनकाब हो जाते हैं। हल्द्वानी में दलित नैरेटिव और यूआईआईडीबी (UIIDB) के जरिए सरकारी जमीन बेचने के कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि विपक्ष का हर एजेंडा फेल साबित हुआ है। यूआईआईडीबी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देना है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ जनता को भ्रमित कर रही है।
छत्तीसगढ़ कोल पावर प्लांट और बिजली करार पर सफाई
अदाणी पावर प्लांट विवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने पिछली कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड जिस महंगी बिजली की मार झेल रहा है, उसकी वजह साल 2014-15 में कांग्रेस शासनकाल के दौरान किए गए पुराने ऊर्जा करार हैं, जिसके तहत राज्य को 31 से 32 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदनी पड़ रही है।
इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने राज्य की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह नया समझौता किया है, जिससे प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली मिलेगी। पीक आवर्स के दौरान जो बिजली 14 रुपये प्रति यूनिट तक खरीदनी पड़ती थी, उससे बड़ी राहत मिलेगी और अतिरिक्त बिजली होने पर उसे बेचकर राजस्व भी अर्जित किया जाएगा।
उत्तराखंड में कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो चुकी है
कांग्रेस पर तंज कसते हुए सीएम धामी ने कहा कि अब उत्तराखंड में कांग्रेस पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उनके पास राज्य में जमीन पर पैर रखने की जगह नहीं बची है, इसीलिए वे प्रेस कॉन्फ्रेंस दिल्ली में करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि साठ वर्षों तक देश को लूटने और गरीबों के नाम पर केवल नारे देने वालों के कुकर्मों को जनता भली-भांति जानती है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर विपक्ष की बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पूरा प्रदेश आहत है। सरकार ने पहले दिन से ही इस मामले में कठोर कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप आज तीन दोषी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति कर विपक्ष मृत आत्माओं को झकझोरने का काम कर रहा है।
