देहरादून। थाना नेहरू कॉलोनी और डालनवाला में दर्ज मुकदमों में मुख्य कड़ी मानी जा रही उर्मिला सनोवर बुधवार को आखिरकार पुलिस जांच में शामिल हुईं। पुलिस द्वारा जारी नोटिस के अनुपालन में वह जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुईं, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
दोनों मामलों के विवेचकों ने उर्मिला सनोवर के विस्तृत बयान दर्ज किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरी प्रक्रिया की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए यह कदम उठाया गया है और इन रिकॉर्डिंग्स को भविष्य में ठोस साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
जांच के दौरान उर्मिला ने विवेचकों को एक महत्वपूर्ण ऑडियो क्लिप सौंपी है, जिसमें उनकी और सुरेश राठौड़ की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि इस ऑडियो की सत्यता जांचने के लिए इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही इसकी प्रामाणिकता स्पष्ट हो पाएगी।
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर यह चर्चा थी कि उर्मिला पुलिस को कई बड़े साक्ष्य सौंपेंगी। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान ऐसी कोई अतिरिक्त सामग्री या साक्ष्य पेश नहीं किए गए। पुलिस अब केवल उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर ही कड़ियां जोड़ रही है।
अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित उर्मिला सनोवर ने एसएसपी देहरादून के आवास कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने एलआईयू से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस का कथन: > “जांच पूरी तरह निष्पक्ष और विधि सम्मत तरीके से चल रही है। एफएसएल रिपोर्ट और दर्ज बयानों के मिलान के बाद ही मामले में अगली बड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
