क्रिसमस और नववर्ष पर शुद्धता की गारंटी: बेकरी, रेस्टोरेंट और होटलों की होगी औचक जांच, विभाग ने कसी कमर।
देहरादून। आगामी क्रिसमस और नववर्ष के जश्न के दौरान आम जनमानस को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड ने कमर कस ली है। शासन के निर्देशानुसार, पूरे राज्य में एक विशेष प्रवर्तन अभियान (Enforcement Drive) शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहारों के सीजन में होने वाली मिलावटखोरी पर अंकुश लगाना और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
रडार पर बेकरी, क्लब और फूड कोर्ट
त्योहारी मौसम में केक, पेस्ट्री, मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विभाग ने अपनी निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। अभियान के तहत निम्नलिखित इकाइयों की सघन जांच की जाएगी:
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बेकरी और मिष्ठान भंडार: केक और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले रंगों और सामग्री की जांच।
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होटल, रेस्टोरेंट और क्लब: किचन की साफ-सफाई और खाद्य मानकों का निरीक्षण।
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डेयरी और फूड कोर्ट: दूध, पनीर और तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की परख।
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स्ट्रीट फूड जोन: सड़कों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों में स्वच्छता का स्तर।
सख्त कानून और औचक निरीक्षण
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत की जाएगी। विभागीय टीमें नियमित निरीक्षण के साथ-साथ औचक छापेमारी भी करेंगी। यदि कहीं भी घटिया गुणवत्ता या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता और जवाबदेही पर जोर
विभाग का लक्ष्य केवल चालान काटना या सजा देना नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों (FBOs) के भीतर जवाबदेही तय करना भी है। विभाग द्वारा व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि वे स्वयं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
“क्रिसमस और नए साल पर मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारी टीमें पूरे राज्य में सक्रिय हैं। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — खाद्य संरक्षा विभाग, उत्तराखण्ड
