कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत
देहरादून: उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है, और पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी दावेदारी खुलकर पेश कर रहे हैं। इस फेहरिस्त में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिन्होंने देहरादून की सहसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
सहसपुर सीट से 20 हजार वोटों से जीत का दावा
हरक सिंह रावत ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि यदि पार्टी हाईकमान उन्हें सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारती है, तो वह इस बात की पूरी गारंटी देते हैं कि कांग्रेस पार्टी इस सीट पर 20 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी यह मंशा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पहले ही स्पष्ट कर दी है।
हरक सिंह के अनुसार, पूरे क्षेत्र का राजनीतिक और जातीय समीकरण साधने के बाद ही उन्होंने यह आत्मविश्वास भरा दावा किया है। उनका मानना है कि सहसपुर सीट पर उनकी मजबूत पकड़ न केवल इस क्षेत्र में, बल्कि आसपास की कई अन्य विधानसभा सीटों पर भी पार्टी को बड़ा फायदा पहुंचाएगी।
आसपास की सीटों पर भी पड़ेगा असर
पूर्व कैबिनेट मंत्री का कहना है कि सहसपुर के साथ देहरादून और हरिद्वार जिले की कई ऐसी सीटें लगती हैं, जहां उनका सियासी प्रभाव अच्छा-खासा है। यदि वे सहसपुर से उम्मीदवार बनते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ोसी सीटों पर भी देखने को मिलेगा और कांग्रेस वहां भी मजबूत स्थिति में उभरेगी।
हालांकि, हरक सिंह के इस खुले ऐलान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी निगाहें कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं कि पार्टी उनके इस दावे पर कितना भरोसा करती है और क्या उन्हें सहसपुर से टिकट दिया जाता है।
गौरतलब है कि हरक सिंह रावत ने 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। 2022 के चुनावों में किन्हीं कारणों से वह खुद चुनाव नहीं लड़ पाए थे, लेकिन अब 2027 के रण के लिए उन्होंने सहसपुर से ताल ठोककर सियासी पारा गर्मा दिया है।
