चिराग पासवान
*’दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा, विपक्ष राजनीति छोड़ जांच में करे सहयोग’
*हरिद्वार पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने प्रकरण को बताया शर्मनाक; कहा— रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ होगी ऐसी कार्रवाई जो बनेगी मिसाल
हरिद्वार। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा हेराफरी प्रकरण को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। हरिद्वार पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद निंदनीय, शर्मनाक और करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसने भी भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हुए भ्रष्टाचार किया है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
छोटे-बड़े सभी दोषियों के खिलाफ होगी मिसाल बनने वाली कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने देश की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस हेराफेरी में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने कहा, “चाहे कोई छोटा अधिकारी हो या बड़ा पदाधिकारी, यदि उसकी संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ इतनी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगी।” पासवान ने जोर देकर कहा कि आगे से कोई भी व्यक्ति किसी भी धार्मिक स्थल या आस्था के केंद्र में भ्रष्टाचार करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा।
विपक्ष तथ्यों के साथ जांच एजेंसी का करे सहयोग: चिराग पासवान
चिराग पासवान ने इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति चमकाने की कोशिशों को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी बंद करें। पासवान ने कहा, “यदि विपक्ष या किसी भी नेता के पास इस मामले से जुड़े कोई पुख्ता तथ्य, साक्ष्य या जानकारी है, तो उसे मीडिया में उछालने के बजाय सीधे जांच एजेंसी या एसआईटी (SIT) के सामने रखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस समय राजनीति करने से ज्यादा जरूरी दोषियों को सजा दिलाना है।
‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का संकल्प होगा पूरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी नारे का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” के संकल्प पर अडिग है। किसी भी धर्मस्थल से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करना नामुमकिन है। आस्था के केंद्रों की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजकर ही दम लेगी।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
कड़ा रुख: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चढ़ावा हेराफेरी को देश के लिए शर्मनाक बताया।
सख्त चेतावनी: जांच के दायरे में आने वाले किसी भी रसूखदार या अधिकारी को नहीं छोड़ेगी सरकार।
विपक्ष को नसीहत: राजनीतिक रोटियां सेकने के बजाय एसआईटी (SIT) को सबूत सौंपे विपक्ष।
