योग दिवस विज्ञापन
पोस्टर वॉर: कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और मुख्यमंत्री चमके, प्रधानमंत्री को किया ‘बाईपास’; भाजपा बोली— ‘यह महज मानवीय भूल’
देहरादून। 21 जून को देश-दुनिया में मनाए गए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बीच उत्तराखंड की सियासत में एक नया ‘पोस्टर विवाद’ खड़ा हो गया है। आयुष विभाग की ओर से जारी किए गए आधिकारिक विज्ञापन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर गायब होने पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी को योग दिवस का वैश्विक ब्रांड एंबेसडर बताती है, वहीं उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और मुख्यमंत्री ने अपनी तस्वीरें तो चमका लीं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री को ही विज्ञापन से पूरी तरह दरकिनार (बाईपास) कर दिया।
कांग्रेस ने उठाए तीखे सवाल, घेरी सरकार
इस पूरे मामले को लपकते हुए कांग्रेस ने भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी और प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की पहचान प्रधानमंत्री मोदी से है, उसी के विज्ञापन में उन्हें नजरअंदाज करना यह साफ दिखाता है कि कैबिनेट मंत्री और सूबे के मुखिया केवल खुद को चमकाने में व्यस्त हैं।
पीएम का चेहरा किसी फोटो का मोहताज नहीं: भाजपा
विपक्ष के तीखे हमलों के बीच रक्षात्मक मोड में आई भाजपा ने इस पर सफाई पेश की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व और चेहरा इतना बड़ा है कि उन्हें किसी विज्ञापन में फोटो की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि विज्ञापन में प्रधानमंत्री की तस्वीर न होना कोई सोची-समझी रणनीति नहीं, बल्कि केवल एक प्रशासनिक ‘भूल-चूक’ हो सकती है। प्रवक्ता ने याद दिलाया कि योग को वैश्विक मंच पर नया रूप और पहचान प्रधानमंत्री मोदी ने ही दिलाई है, जिसके चलते आज विश्व के 175 देशों में योग दिवस गर्व से मनाया जा रहा है।
