हेमंत द्विवेदी
देहरादून: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के फंड से वीआईपी मेहमाननवाजी किए जाने का आरटीआई के जरिए सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद से ही पूरे महकमे और सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। आरोप है कि कैबिनेट मंत्री की बेटी से लेकर कई विधायकों तक के हेलीकॉप्टर और आलीशान होटलों के भारी-भरकम बिलों का भुगतान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के चढ़ावे से किया गया है।
इस गंभीर मामले पर चौतरफा घिरने के बाद बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है।
20 दिन में आएगी रिपोर्ट, होगी सख्त कार्रवाई
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी बना दी गई है, जो 20 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने दावा किया कि जांच में अगर कोई भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“सरकार की छवि खराब करने की साजिश” – हेमंत द्विवेदी
विवादों के बीच अपनी सफाई पेश करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा:
“मैंने अपनी तरफ से एक भी पैसा नहीं लिया है। यह पूरी घटना सरकार की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया धन उनकी आस्था का प्रतीक है। इस पैसे का उपयोग सिर्फ और सिर्फ धार्मिक व्यवस्थाओं, मंदिर के रखरखाव और जनहित के कार्यों में ही होना चाहिए। आस्था के पैसे का दुरुपयोग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
मुख्य बिंदु: जिस पर मचा है बवाल
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आरटीआई का बड़ा खुलासा: वीआईपी मेहमानों, मंत्रियों के रिश्तेदारों और विधायकों के निजी दौरों का खर्च मंदिर कोष से उठाने का आरोप।
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क्या-क्या बिल चुकाए गए: आलीशान होटलों में ठहरने और हेलीकॉप्टर के सफर का खर्च चढ़ावे की रकम से देने की बात आई सामने।
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कमेटी का गठन: 20 दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश।
इस मामले के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया और आम जनता के बीच मंदिर समितियों के बजट प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सभी की नजरें 20 दिन बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
