नेचर गाइड
स्थानीय गाइडों की अनदेखी का आरोप; पर्यटकों ने भी दिया समर्थन, आधे घंटे तक थमी रही सफारी
रामनगर : रामनगर वन प्रभाग के भण्डारपानी गेट पर मंगलवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब सीतावनी नेचर गाइड एसोसिएशन के बैनर तले दर्जनों गाइडों ने वन विभाग की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गाइडों का आरोप है कि विभाग स्थानीय युवाओं के रोजगार को दरकिनार कर दूसरे गेट के गाइडों को भण्डारपानी में अवैध रूप से तैनात कर रहा है।
रोजगार और अधिकारों पर सीधा असर
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विभाग ने बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया और स्थानीय गाइडों से चर्चा किए यह फैसला लिया है।
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नारेबाजी और नाराजगी: सुबह की पहली सफारी से पहले जुटे गाइडों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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स्थानीय अनुभव की उपेक्षा: गाइडों का तर्क है कि वे वर्षों से क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और वन्यजीवों के व्यवहार को समझते हैं, ऐसे में बाहरी गाइडों की तैनाती सुरक्षा और पर्यटन अनुभव दोनों के लिए जोखिम भरी है।
पर्यटकों का मिला साथ
हैरानी की बात यह रही कि जंगल सफारी पर आए पर्यटकों ने भी गाइडों की मांग का समर्थन किया। पर्यटकों का कहना था कि स्थानीय गाइड जंगल को बेहतर तरीके से जानते हैं। हालांकि, पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए गाइडों ने प्रदर्शन को केवल 30 मिनट तक ही सीमित रखा ताकि सफारी का संचालन प्रभावित न हो।
लगातार शिकायतों के बाद भी विभाग मौन
एसोसिएशन का दावा है कि इस मामले में 7 मई और 11 मई 2026 को उप प्रभागीय वनाधिकारी और कोटा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी। संतोषजनक कार्रवाई न होने पर ही उन्हें प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ‘पक्षपातपूर्ण’ रवैया नहीं बदला गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
अधिकारी का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने कहा कि वे नेचर गाइडों के साथ निरंतर वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
