चारधाम यात्रा 2026
देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए धामी सरकार ने अपनी कमर कस ली है। यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आगामी 16 फरवरी को ऋषिकेश स्थित यात्रा कार्यालय में सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में होटल एसोसिएशन, बस ऑपरेटरों और डंडी-कंडी संचालकों के साथ मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा की जाएगी।
यात्रा के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए प्रशासन तीर्थ पुरोहितों को भी विश्वास में ले रहा है। इसी कड़ी में 20 या 21 फरवरी को चारधाम के तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के साथ दूसरी बड़ी बैठक होगी। गढ़वाल आयुक्त के अनुसार, इन सभी पक्षों के सुझावों और चर्चा के बाद मार्च के पहले हफ्ते तक यात्रा का पूरा खाका तैयार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने और यात्रा को निर्बाध रूप से संचालित करने पर है।
अप्रैल में शुरू होगी यात्रा, जल्द खुलेंगे रजिस्ट्रेशन
इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने तय हुए हैं, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि पर घोषित की जाएगी। परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का आगाज होगा। इस वर्ष 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पड़ रही है, जिससे इसी दिन से यात्रा शुरू होने की संभावना है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चारों धामों की तिथियां घोषित होने के करीब 10 दिन बाद से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
