सीएम संवाद
सीएम संवाद में छात्रा के बयान पर मचा बवाल: स्कूल ने की पूरी जांच, प्रिंसिपल और छात्रा का सामने आया बयान
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सीएम संवाद विवाद: छात्रा शायरा के बयान पर गरमाई सियासत, प्रिंसिपल ने स्पष्ट की स्थिति और कहा- निजी एसोसिएशन से कर रही थी प्रतिभाग
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युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल का शुभारंभ: सीएम धामी बोले- छात्रों के सुझाव होंगे सरकारी नीतियों में शामिल, एआई का सोच-समझकर करें उपयोग
देहरादून: हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और छात्र-छात्राओं के बीच हुए संवाद में सीएमआई गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा शायरा द्वारा कही गई एक बात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। मामला तूल पकड़ने के बाद अब स्कूल प्रशासन और खुद छात्रा की तरफ से सफाई सामने आई है।
घबराहट के कारण स्पष्ट नहीं रख पाई बात: शायरा इंटरनेशनल क्वान की डो प्रतियोगिता में चयन को लेकर खड़े हुए विवाद पर छात्रा शायरा ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री से जो कहना चाहती थी, उसे ठीक से नहीं कह पाई। उसने बताया कि वीआईपी मंच पर घबराहट के कारण वह अपनी बात को सही और स्पष्ट तरीके से नहीं रख सकी थी।
प्रिंसिपल रबेका सिंह का बयान वहीं, स्कूल की ऑफिसिएटिंग प्रिंसिपल रबेका सिंह ने मामले की पूरी जांच के बाद बताया कि शायरा एक होनहार छात्रा है और विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है। हालांकि, इस प्रतियोगिता में उसने स्कूल की तरफ से प्रतिभाग नहीं किया था, और न ही विद्यालय स्तर पर ऐसी कोई प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि छात्रा एक निजी एसोसिएशन के माध्यम से प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थी, जहाँ उसे कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था। स्कूल प्रशासन ने उसकी प्रतिभा को देखते हुए हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है।
सरकारी नीतियों में शामिल होंगे छात्रों के सुझाव: सीएम धामी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि विद्यार्थियों के साथ संवाद में मिले सभी उपयोगी सुझावों को सरकारी नीतियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य के लिए मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया। इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा और नीट, जेईई, क्लैट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की कोचिंग व अन्य शुल्कों का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेशभर के 2,828 स्कूलों के 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
एआई के उपयोग पर दी नसीहत मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग तभी करें जब उसकी वास्तविक आवश्यकता हो। तकनीक को केवल सहयोगी बनाएं, लेकिन यह हमारी सोचने, सीखने की क्षमता और गुरुजनों के मार्गदर्शन का विकल्प नहीं बननी चाहिए।
