फायरिंग
देहरादून |राजधानी के पॉश इलाके राजपुर रोड पर सोमवार सुबह रोड रेज की एक खौफनाक वारदात ने शहर को दहला दिया। दो गुटों के बीच वर्चस्व और रफ़्तार की जंग में एक बेगुनाह पूर्व सैन्य अधिकारी की जान चली गई। 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर के. जोशी, जो सुबह की सैर पर निकले थे, दो गाड़ियों के बीच चल रही फायरिंग की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सैर पर निकले थे, विवाद से नहीं था नाता
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 6:45 से 7:00 बजे के बीच की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो तेज रफ्तार गाड़ियां एक-दूसरे का पीछा कर रही थीं और उनमें सवार युवकों के बीच तीखी नोकझोंक चल रही थी। इसी आपाधापी में एक गाड़ी से फायरिंग की गई। दुर्भाग्यवश, गोली सीधे ब्रिगेडियर जोशी को जा लगी, जिनका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गाड़ी छोड़कर भागे आरोपी, नाकेबंदी जारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ी कुछ ही दूरी पर लावारिस छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी और तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों की तलाश में पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की शिनाख्त की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने देहरादून की कानून व्यवस्था और वीआईपी इलाकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बीचों-बीच सुबह के वक्त सरेआम गोलीबारी होना पुलिस के इकबाल को चुनौती दे रहा है। परिजनों और स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
