Rishabh Pant CM Dhami
ऋषभ पंत का उत्तराखंड प्रेम: दिल्ली छोड़ मातृभूमि पर बसने की इच्छा, सीएम धामी ने दिए मदद के निर्देश
देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब अपनी जड़ों की ओर लौटने का मन बना चुके हैं। दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी को छोड़कर पंत ने अपनी मातृभूमि उत्तराखंड में बसने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि, जमीन न मिलने और प्रशासनिक अड़चनों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाई। सीएम धामी ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए फौरन संज्ञान लिया है और अधिकारियों को हरसंभव मदद के निर्देश दिए हैं।
“उत्तराखंड में बसाना चाहता हूँ अपना आशियाना”
देर रात किए गए अपने सिलसिलेवार ट्वीट्स में ऋषभ पंत ने अपनी लाचारी और राज्य के प्रति अपने प्रेम को खुलकर बयां किया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा कि उत्तराखंड का मूल निवासी होने के नाते उन्हें अपने गृह राज्य से दूर रहते हुए काफी समय हो गया है।
पंत ने ट्वीट किया, “मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन यहां रहने के लिए मुझे कोई सही जगह नहीं मिल पा रही है। आजकल जमीन से जुड़े मामलों में स्पष्टता न होने के कारण यह प्रक्रिया बेहद मुश्किल हो गई है।”
उन्होंने आगे यह भी खुलासा किया कि एक पुराना जमीन का मामला भी पिछले 3 सालों से अटका हुआ है, जो उन्हें तब मिलना चाहिए था जब वे राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। पंत ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि वे सब कुछ छोड़कर अपनी पहाड़ी जड़ों और अपने लोगों के बीच वापस लौटना चाहते हैं और राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं।
सीएम धामी का फौरन एक्शन, दिया मदद का भरोसा
ऋषभ पंत के इस ट्वीट के सामने आते ही उत्तराखंड सरकार हरकत में आ गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके ट्वीट को रीट्वीट करते हुए बेहद गर्मजोशी से जवाब दिया।
सीएम धामी ने अपने एक्स (X) हैंडल पर लिखा:
“प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश और दुनिया का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे जल्द ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”
