कैबिनेट बैठक
उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: हाईकोर्ट हल्द्वानी ट्रांसफर, मजदूरों को डबल ओवरटाइम और मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े 15 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इन फैसलों में राजधानी से लेकर मैदान और पहाड़ तक की जनता को सीधा लाभ पहुंचाने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। आइए जानते हैं कैबिनेट के सबसे बड़े और मुख्य फैसले:
1. उत्तराखंड हाईकोर्ट का हल्द्वानी स्थानांतरण
कैबिनेट ने बहुप्रतीक्षित फैसले पर मुहर लगाते हुए नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए हल्द्वानी के लामाचौड़ में करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है।
2. श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक ‘मजदूरी संहिता नियमावली’
श्रमिक वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए नई नियमावली मंजूर की गई है, जिसके तहत:
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दोगुना ओवरटाइम: निर्धारित समय से अधिक काम कराने पर अब श्रमिकों को दोगुना भुगतान मिलेगा।
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समय पर वेतन: हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य कर दिया गया है।
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समान वेतन: कार्यस्थल पर पुरुष और महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
3. मेरठ से हरिद्वार तक होगा ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का विस्तार
राज्य में सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ से सीधे हरिद्वार तक किया जाएगा।
4. गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा
राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए अब इसमें सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी शामिल कर लिया गया है। इससे अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ मिल सकेगा।
5. खेल विश्वविद्यालय के लिए नए पद सृजित
उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय के सुचारू और बेहतर संचालन के लिए 122 नए नियमित पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा मिलेगा।
6. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
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छात्रावास नियमावली 2026: समाज कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई।
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वन विकास निगम भर्ती: वन विकास निगम में ‘स्केलर’ पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान लागू किया गया है।
