विशाल जुलूस-ए-मोहम्मदी
सीमांत खटीमा में अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद-ए-मिलादुन्नबी, निकला विशाल जुलूस-ए-मोहम्मदी
खटीमा |उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (ईद-ए-मिलादुन्नबी) का पर्व बड़े ही अकीदत, धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर शहर में एक विशाल और भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की।
अकीदत के रंग में रंगी खटीमा की सड़कें
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान हाथों में इस्लामिक परचम के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे और पैगंबर साहब की शान में नात-ओ-सलाम पढ़ते हुए लोगों ने शहर का माहौल पूरी तरह रूहानी बना दिया। जुलूस में बच्चों, नौजवानों और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
पूरे रास्ते अमन, मोहब्बत और आपसी भाईचारे के नारे गूंजते रहे। जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया गया, तथा आमजन के लिए तबर्रुक और लंगर का विशेष इंतजाम किया गया था।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, शांतिपूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम
जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। क्षेत्राधिकारी पुलिस नीरज सेमवाल के नेतृत्व में शहर के प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा कार्यक्रम पूरी तरह शांति और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
खटीमा में निकले इस विशाल जुलूस ने न केवल मज़हबी आस्था की अनूठी मिसाल पेश की, बल्कि क्षेत्र में कौमी एकता और आपसी सौहार्द का एक मजबूत संदेश भी दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में मस्जिद कमेटी के नासिर खान, समाजसेवी आरिफ अंसारी, और मौलाना इरफान उल हक कादरी समेत कई गणमान्य लोगों का विशेष योगदान रहा।
