किच्छा में मतदान के बाद हंगामा
नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद गरमाई सियासत; पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी पहुंचे समर्थन में, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को नकारा।
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घटनास्थल: किच्छा, उधम सिंह नगर (स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर)।
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मुख्य आरोप: कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने 6 मतपेटियों को बदलने की जताई आशंका।
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समर्थन: पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी उठाए सवाल, पुलिस के साथ हुई तीखी बहस।
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मुकाबला: किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के संदीप अरोड़ा और कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह के बीच सीधा मुकाबला।
किच्छा में नगर पालिका चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद मंगलवार देर रात स्ट्रांग रूम के बाहर माहौल पूरी तरह गरमा गया। कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने स्ट्रांग रूम में रखी मतपेटियों को लेकर गंभीर धांधली के आरोप लगाए, जिसके बाद वहां भारी गहमागहमी और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को स्ट्रांग रूम परिसर से बाहर हटाने के प्रयास के दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
क्या है पूरा मामला और कांग्रेस प्रत्याशी के आरोप?
सूत्रों और मिली जानकारी के अनुसार, मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम में छह मतपेटियों को बदले जाने की आशंका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन मतपेटियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनमें कथित तौर पर ‘जग्गू’ नाम पर दोहरी मोहर लगाए जाने की बात सामने आई है।
राजेश प्रताप सिंह का कहना था कि बिना प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधियों के उचित हस्ताक्षर के मतपेटियों को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग और मुख्यमंत्री से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने तथा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था व मतपेटियों की जांच कराने की मांग की। हालांकि, मतपेटियों में किसी भी तरह के बदलाव या धांधली के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व विधायक ठुकराल ने भी उठाए सवाल
देर रात मौके पर पहुंचे रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी कांग्रेस प्रत्याशी के सुर में सुर मिलाते हुए प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छह मतपेटियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और यदि तत्काल मतगणना करा दी जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। हालांकि, प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से इस पर रात में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, क्योंकि मीडिया द्वारा संपर्क करने पर प्रशासनिक अधिकारी फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके।
इससे पहले भी हुआ था विवाद
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब किच्छा में मतदान या स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले मंगलवार को मतदान के दौरान और मतपेटियां जमा कराते समय कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला तथा उनके समर्थकों के बीच भी तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद पुलिस को कड़ा हस्तक्षेप करना पड़ा था। रात करीब 11 से 12 बजे तक स्ट्रांग रूम के बाहर तनाव का माहौल बना रहा।
भाजपा का पलटवार
पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी पहले दिन से ही हार मान चुकी है। जिस दिन भारतीय जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन देखा था, उसी दिन से उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली थी। वे केवल झूठी अफवाह फैलाना चाहते हैं कि भाजपा मतपेटियों से छेड़खानी कर रही है। कांग्रेस की सिर्फ हारने के बाद रोने की आदत है।”
फिलहाल, किच्छा नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह की किस्मत मतपेटियों में कैद हो चुकी है। सभी की निगाहें अब निर्वाचन आयोग की अगली प्रक्रिया और मतगणना के परिणामों पर टिकी हुई हैं।
