हाईवे पर बैठे अन्नदाता
उत्तराखंड| ऊधमसिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने बड़ा प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे किसानों ने मुफ्त बिजली, स्मार्ट मीटर और जमीन के मालिकाना हक जैसी प्रमुख मांगों को लेकर जोरदार हुंकार भरी। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील, ड्रोन से रखी जा रही नजर
किसानों के इस तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन (21 से 23 अगस्त) को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। रुद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर के चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है। इसके अलावा, बाहर से आने वाले किसानों के वाहनों के लिए स्टेडियम रोड पर विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें
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फ्री बिजली: प्रदेश के प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए और किसानों के ट्यूबवेल के बिल माफ किए जाएं।
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स्मार्ट मीटर पर रोक: घरों और खेतों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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जमीन का मालिकाना हक: लंबे समय से चली आ रही मांग के तहत किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया जाए।
बैरिकेडिंग पर हंगामा, हाईवे पर बैठे किसान
कलेक्ट्रेट परिसर के चारों ओर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग के कारण जब किसानों को अंदर जाने से रोका गया, तो माहौल गरमा गया। बैरिकेडिंग पर पुलिस और किसानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ किसानों ने बैरिकेडिंग पर चढ़ने का प्रयास किया, जिनमें से एक किसान बैरिकेडिंग कूदकर अंदर जाने लगा, जिसे पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया। प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर हाईवे पर ही धरना देकर बैठ गए और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
