DFO का घेराव
रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों और वाहन मालिकों ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ (DFO) प्रकाश आर्य का घेराव कर ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द दोनों पर्यटन जोन खोलने की गुहार लगाई।
रोजगार का गहराया संकट
पर्यटन कारोबारी हिमांशु तिरुवा ने बताया कि पिछले वर्ष मानसूनी सीजन के दौरान भी फाटो जोन में पर्यटन गतिविधियां संचालित की गई थीं, लेकिन इस बार इन्हें बंद कर दिया गया है। इससे जिप्सी चालकों, गाइडों और स्थानीय व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
वन्यजीवों के तनाव को देखते हुए लिया निर्णय: DFO
वहीं, तराई पश्चिमी के डीएफओ प्रकाश आर्य ने स्पष्ट किया कि दोनों जोन को पर्यावरणीय परिस्थितियों और मानसूनी सीजन में वन्यजीवों पर पड़ने वाले तनाव को ध्यान में रखकर नियमानुसार बंद किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कारोबारियों के ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, कारोबारी वन विभाग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
