गर्जिया देवी मंदिर
मानसून के कारण रोका गया मुख्य टीले का सुरक्षा कार्य; अब देशभर के भक्त कर सकेंगे मां गर्जिया के दर्शन, अक्टूबर में दोबारा शुरू होगा काम
रामनगर।विश्व प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में मां के दर्शन का इंतजार कर रहे देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रामनगर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर के कपाट आज से एक बार फिर आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद अब श्रद्धालु मुख्य टीले पर जाकर माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। मंदिर खुलने की खबर से भक्तों और स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सुरक्षा कार्य पूरा न होने के कारण बढ़ाया गया था प्रतिबंध
दरअसल, कोसी नदी के बीचो-बीच स्थित मंदिर के मुख्य टीले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा बेहद जरूरी सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा था। इसी वजह से मंदिर को पहले 10 मार्च से 30 अप्रैल तक पूर्ण रूप से बंद रखा गया था। बाद में काम पूरा न होने के कारण प्रशासन ने इस पाबंदी को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया था। इस अवधि में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित ढंग से हो सके।
बारिश के चलते रोका गया निर्माण कार्य
उत्तराखंड में मानसून के आगमन और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अब टीले पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने उपजिलाधिकारी (SDM) रामनगर को पत्र भेजकर जानकारी दी कि वर्तमान मौसम में निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य करना तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं है। इसके बाद, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर को पुनः खोलने की अनुमति दे दी।
2010 की बाढ़ के बाद से मंडरा रहा था खतरा
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में आई भीषण बाढ़ के बाद गर्जिया मंदिर के मुख्य टीले में दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं। समय के साथ ये दरारें बढ़ती गईं, जिससे मंदिर के वजूद पर खतरा मंडराने लगा था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने टीले को सुरक्षित करने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये की लागत का एक महा-प्रस्ताव तैयार किया। मई 2024 में इसके पहले चरण का कार्य पूरा किया गया था, जबकि दूसरे चरण का कार्य अभी जारी है। हालांकि, हाई फ्लड लेवल तक का काम अभी बाकी है, जिसे अब मानसून समाप्त होने के बाद अक्टूबर माह में दोबारा शुरू किया जाएगा।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर के कपाट खुलने के बाद परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। हालांकि, मानसून और नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सभी यात्रियों को परिसर में सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और नदी के किनारों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
राहत: 30 जून तक बंद रहने के बाद आज से भक्तों के लिए खुला गर्जिया देवी मंदिर।
बजट: करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है ऐतिहासिक मुख्य टीले का संरक्षण।
अगला शेड्यूल: मानसून के कारण अभी काम रोका गया, अब अक्टूबर में फिर शुरू होगा सुरक्षा कार्य।
