नगरासू गुरुद्वारा केस
रुद्रप्रयाग:नगरासू स्थित गुरुद्वारे में चल रहा निहंगों का हाई वोल्टेज ड्रामा और गतिरोध कई दौर की वार्ता के बाद भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। क्षेत्र में इस वक्त भारी तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि जिन्हें वे पिछले तीन दिनों से आम श्रद्धालु और सेवादार समझ रहे थे, वे अचानक उग्र और हिंसक टकराव की स्थिति में आ गए। रविवार दोपहर तक भी स्थानीय लोग इसी अनहोनी को लेकर चर्चा करते रहे और गुरुद्वारे के आसपास पुलिस व सुरक्षा बलों की भारी तैनाती बनी हुई है।
छत पर जुटाए ईंट-पत्थर और नुकीले हथियार, लंगर व्यवस्था ठप
इस पूरे विवाद का सबसे खतरनाक और चिंताजनक पहलू गुरुद्वारे की छत पर भारी मात्रा में जमा किए गए ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और नुकीले हथियार हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी ने भी खुद छत पर इस तरह की युद्ध जैसी तैयारियों और सामान होने की पुष्टि की है, जिसे देखते हुए पुलिस और आईटीबीपी (ITBP) की टीमें लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। इस तनाव का सीधा असर गुरुद्वारे की नियमित व्यवस्थाओं पर पड़ा है। आम दिनों में जहाँ सैकड़ों श्रद्धालु लंगर प्रसाद ग्रहण करते थे, वहीं अब आवाजाही पूरी तरह ठप है और पहले से तैयार किया गया भोजन भी उपयोग में नहीं आ सका।
एक सेवादार अब भी कब्जे में, रिहाई पर अड़े निहंग
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक बाबा बेहंत सिंह ने बताया कि निहंग अपने उन साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं, जिन्हें 16 जून को कर्णप्रयाग विवाद में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि निहंगों ने दो लोगों को बंधक बनाया था, जिनमें से एक को शनिवार देर रात छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार अब भी उनके कब्जे में है। कई दौर की प्रशासनिक वार्ताओं के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
इतिहास में पहली बार ऐसे हालात, सीमाओं पर बढ़ाई गई चौकसी
गुरुद्वारे के समीप रहने वाली रजनी देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा ने बताया कि वर्ष 2007-08 में भी यहाँ एक मामूली विवाद हुआ था, लेकिन नगरासू के इतिहास में ऐसे तनावपूर्ण हालात पहली बार देखने को मिले हैं।
इधर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चमोली और अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर स्थित पाडुंवाखाल, नागचूलाखाल व माईथान क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। गैरसैंण कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि एसडीएम अबरार अहमद और तहसीलदार हरीशचंद्र पांडे की संयुक्त टीम हर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। सुरक्षा के मद्देनजर सीमा क्षेत्रों पर आईटीबीपी की एक पूरी प्लाटून और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय जनता को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस बंधक संकट को सुलझाकर क्षेत्र में शांति बहाल करेगा।
