तहसील दिवस
हल्द्वानी। तहसील दिवस में जनसमस्याएं सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के न पहुंचने पर मंगलवार को तहसील परिसर में भारी हंगामा हुआ। घंटों इंतजार के बाद जब एसडीएम और तहसीलदार मौके पर नहीं मिले, तो फरियादियों का सब्र टूट गया। आक्रोशित लोगों ने न केवल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठ गए। इस दौरान पार्षद और नायब तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
घंटों इंतजार के बाद धरने पर बैठे लोग
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पार्षद मनोज जोशी और पूर्व सभासद शकील अहमद सलमानी दर्जनों फरियादियों के साथ तहसील पहुंचे थे। वहां चार-पांच विभागों के छोटे कर्मचारी तो मौजूद थे, लेकिन कोई भी बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। पूछने पर पता चला कि तहसीलदार वीआईपी ड्यूटी में हैं और एसडीएम मीटिंग में व्यस्त हैं। अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज जनप्रतिनिधि और जनता तहसीलदार कक्ष के बाहर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नायब तहसीलदार से हुई तीखी नोकझोंक
हंगामे के बीच जब नायब तहसीलदार बी.एस. मटियानी वहां पहुंचे, तो पार्षद मनोज जोशी के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। करीब आधे घंटे तक चली इस नोकझोंक के बाद पार्षद ने तहसील प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मामला बढ़ता देख दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम प्रमोद कुमार और तहसीलदार कुलदीप पांडे मौके पर पहुंचे और किसी तरह प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
लापरवाह विभागों का जवाब-तलब
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि तहसील दिवस के लिए नायब तहसीलदार को अधिकृत किया गया था। हालांकि, उन्होंने मौके पर न पहुंचने वाले विभागों जैसे— विद्युत, जल संस्थान, जल निगम और यूयूएसडीए के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
