ऑपरेशन प्रहार
देहरादून| राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े रुख के बाद, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों के साथ आपातकालीन हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में राजधानी को अपराध मुक्त बनाने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
लापरवाही पर नपेंगे अफसर, जवाबदेही तय
बैठक में डीजीपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए:
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आईजी गढ़वाल: कानून-व्यवस्था की रोजाना मॉनिटरिंग करेंगे।
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एसएसपी देहरादून: जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करेंगे और अधीनस्थों की जवाबदेही तय करेंगे।
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क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी: अब दफ्तरों के बजाय फील्ड में नजर आएंगे। सुबह के समय विशेष चेकिंग और हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस बल की तैनाती अनिवार्य होगी।
STF संभालेगी कमान, रडार पर होंगे संदिग्ध
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसटीएफ को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईजी और एसएसपी एसटीएफ को शहर के सक्रिय अपराधियों और संदिग्ध गिरोहों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब शहर के चप्पे-चप्पे पर अपनी पैनी नजर रखेगी।
किरायेदारों और पीजी का होगा सघन सत्यापन
सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए अब देहरादून के हर किरायेदार, पीजी (PG) और होम-स्टे में रहने वालों का डेटा खंगाला जाएगा। डीजीपी ने पुलिस को सघन सत्यापन अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, देर रात तक मर्यादा लांघने वाले बार और पब्स पर भी अब पुलिस का डंडा चलेगा।
“जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। राजधानी की शांति भंग करने वालों के खिलाफ अब सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस की मुस्तैदी में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार्य नहीं है।” > — दीपम सेठ, डीजीपी (उत्तराखंड)
