ओपीडी
सर्दी-खांसी और वायरल फीवर की चपेट में मासूम, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह
देहरादून । देवभूमि में मौसम के बदलते मिजाज ने सबसे ज्यादा बच्चों की सेहत पर वार किया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों में बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम, वायरल फीवर और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। दून के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या में अचानक 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कमजोर इम्यूनिटी बन रही बड़ा कारण
देहरादून के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कुमार के मुताबिक, मौसम में हो रहा अचानक बदलाव बच्चों के ‘इम्यून सिस्टम’ को सीधे प्रभावित करता है। डॉक्टर कुमार ने बताया कि जो बच्चे कुपोषण के शिकार हैं या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनमें संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अस्पतालों में पहुंच रहे मामलों में वायरल संक्रमण के साथ-साथ अब डायरिया के लक्षण भी देखे जा रहे हैं, जो अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है।
डॉक्टरों की विशेष सलाह :
विशेषज्ञों ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
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पहनावा: सुबह और शाम की ठंड को देखते हुए बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं।
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स्वच्छता: संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों के हाथ समय-समय पर साबुन से धुलवाएं।
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आहार: इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए बच्चों को ताज़ा, गर्म और पौष्टिक संतुलित आहार दें।
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पानी: बच्चों को उबालकर ठंडा किया गया पानी पिलाएं ताकि डायरिया से बचाव हो सके।
विशेषज्ञ की राय: “बदलते मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि बच्चे को तेज बुखार या सांस लेने में तकलीफ हो, तो घरेलू उपचार के बजाय तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।” — डॉ. अशोक कुमार, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
