नैनीताल । सर्दियों के मौसम में कोहरे का फायदा उठाकर जंगलों से अवैध रूप से लकड़ी काटकर ले जा रहे वन तस्करों के खिलाफ तराई केन्द्रीय वन प्रभाग, रुद्रपुर डिवीजन की टाण्डा रेंज ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने मिशन “अंकुश” के तहत खैर और सागौन की लकड़ी से लदे 6 वाहनों को पकड़ा है और आधा दर्जन से अधिक वन तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से वन तस्करों में हड़कंप मच गया है।
टाण्डा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने बीते एक महीने के भीतर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान:
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6 वाहनों को खैर और सागौन की अवैध लकड़ी के गिल्टों के साथ पकड़ा गया।
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जब्त की गई लकड़ी की कीमत लगभग दस लाख रुपये बताई जा रही है।
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6 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया और सभी को जेल भेज दिया गया है।
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पकड़े गए सभी वाहनों को सीज कर दिया गया है।
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मामले में फरार चल रहे अन्य वन तस्करों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ दबिश दी जा रही है।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों पर मिलीभगत का संदेह
वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि सर्दियों में कोहरे का फायदा उठाकर वन तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार कार्रवाई के बावजूद लकड़ी तस्करी रुक नहीं रही है। सूत्रों की मानें तो इस खेल में जंगलों के आसपास रहने वाले कुछ लोग और वन विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
गौतम ने बताया कि लकड़ी तस्करी में कुछ स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के मिले होने की सूचना मिली है, जिसकी जाँच चल रही है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि जाँच में अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मिशन “अंकुश” के तहत वन विभाग लकड़ी तस्करों की धरपकड़ के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है।
