देहरादून। उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं।
स्कूली बच्चों के लिए ‘एस्कॉर्ट’ सुविधा
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया कि:
-
जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, वहाँ स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट (सुरक्षाकर्मी) की व्यवस्था की जाए।
सक्रियता और संसाधनों की पूर्ति
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
-
वन विभाग के मुखिया रंजन कुमार मिश्र ने बताया कि जनपदों में संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
जागरूकता और कूड़ा प्रबंधन पर जोर
विभाग अब सक्रियता के साथ लोगों को जागरूक करने में जुट गया है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
-
झाड़ियों की सफाई: बस्तियों के आसपास की झाड़ियों को अभियान चलाकर साफ किया जा रहा है, ताकि जानवरों को छिपने की जगह न मिले।
-
कूड़ा प्रबंधन: लोगों को कूड़ा प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे बस्तियों के आसपास कूड़ा न फेंकें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जंगली जानवर खाद्य सामग्री की तलाश में बस्तियों की ओर आकर्षित न हों।
-
विशेष जागरूकता: बच्चों और महिलाओं को विशेष तौर पर आस-पास वन्य जीवों की मौजूदगी को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
