आईएमए पासिंग आउट परेड़ में बेटे को सैन्य अधिकारी बनते देख परिजनों ने महसूस किया गर्व, गांव में खुशी का माहौल
चमोली| नारायणबगड़ प्रखंड के नाखोली गांव निवासी नेत्रपाल सिंह गुसाईं के इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट बनने पर उनके गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
शनिवार को देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड़ (पीओपी) में नेत्रपाल गुसाईं के सभी परिजन शामिल हुए, जहाँ बेटे के सैन्य अधिकारी बनने का पल परिवार के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बन गया।
एनडीए से आईएमए तक का सफर
नेत्रपाल सिंह गुसाईं की प्रारंभिक शिक्षा नारायणबगड़ में हुई, जिसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से पूरी की।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता दलीपसिंह गुसाईं मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट हैं, और माता कमला देवी गृहिणी हैं।
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सफलता की राह: नेत्रपाल गुसाईं ने एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) के माध्यम से आईएमए की राह प्रशस्त की और अब भारतीय सेना में अधिकारी बन गए हैं।
परिजनों और गांव में उत्सव
लेफ्टिनेंट बने नेत्रपाल गुसाईं के चाचा सुरेंद्र सिंह गुसाईं (जो स्वयं सेना से रिटायर हैं) ने बताया कि नेत्रपाल बचपन से ही सेना में अफसर बनने का सपना देखा करते थे और आज अपनी मेहनत से उन्होंने वह सपना पूरा कर लिया है। दादा हयातसिंह गुसाईं, माता-पिता और चाचा सुरेंद्र सिंह गुसाईं ने पीओपी में शामिल होकर इस खुशी को महसूस किया।
इधर नाखोली गांव में गांव के बेटे के सैन्य अफसर बनने से उत्सव का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताते हुए उनके परिजनों को बधाई दी और कहा कि लेफ्टिनेंट नेत्रपाल गुसाईं ने न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है।
