हरिद्वार। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और गौरवशाली स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन पूरी ताकत से जुट गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर जनपद को ‘क्लीन डिस्ट्रिक्ट’ बनाने के लिए शुरू किया गया स्वच्छता अभियान आज 30वें दिन में प्रवेश कर गया है। अभियान की खास बात यह है कि अधिकारी अब केवल दफ्तरों से नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर खुद सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
धरातल पर उतरे जिलास्तरीय अधिकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी जिलास्तरीय अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी के आदेशानुसार, शहरी निकायों से लेकर ग्रामीण पंचायतों और राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे धरातल पर पहुंचकर स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कूड़े के ढेर न दिखें।
30 दिनों से लगातार जारी है अभियान
जनपद को स्वच्छ बनाने का यह संकल्प अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। पिछले एक महीने (30 दिन) से बिना रुके हरिद्वार के कोने-कोने में सफाई की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की गलियों तक को इस अभियान के तहत कवर किया जा रहा है।
स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित न केवल अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं, बल्कि वे स्वयं पूरे अभियान की निरंतर समीक्षा और मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके इस ‘क्लीन जनपद’ विजन का असर अब धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। सड़कों की सफाई और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था में पहले के मुकाबले काफी सुधार दर्ज किया गया है।
“हरिद्वार एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल है। इसे स्वच्छ और सुंदर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर न रहे, बल्कि धरातल पर हर नागरिक को साफ वातावरण मिले।”
