भाकियू रोड संगठन का अल्टीमेटम: कल तक पैमाइश नहीं हुई तो 18 दिसंबर से होगी तालाबंदी; किसानों ने लगाए लापरवाही के आरोप
रुड़की| रुड़की में चकबंदी विभाग के उदासीन रवैये के खिलाफ किसानों का गुस्सा अब सड़कों से सरकारी दफ्तरों तक पहुंच गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) रोड संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने चकबंदी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि महीनों से शिकायतें देने के बावजूद चकबंदी विभाग उनकी भूमि विवाद संबंधी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण गांवों में विवाद और परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम
धरना-प्रदर्शन के दौरान भाकियू रोड संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने चकबंदी अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम देते हुए अपनी मांग रखी।
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मांग: उन्होंने कहा कि यदि इब्राहिमपुर मसाई गांव में कल तक पैमाइश (माप-जोख) के लिए विभागीय टीम नहीं पहुंचती है, तो संगठन 18 दिसंबर से चकबंदी कार्यालय पर तालाबंदी करेगा।
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चेतावनी: पदम सिंह रोड ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कार्यालय पर तालाबंदी की नौबत आई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
लापरवाही से किसान परेशान
पदम सिंह रोड ने कहा कि चकबंदी विभाग की लापरवाही के चलते किसान मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पैमाइश नहीं की जा रही, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं और किसानों का विभाग पर भरोसा टूटता जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल पीड़ित किसानों ने भी अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त की और जल्द समाधान की मांग की। पीड़ित किसानों का कहना है कि महीनों से पैमाइश की मांग के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि किसानों के इस अल्टीमेटम के बाद चकबंदी विभाग कोई कार्रवाई करता है या फिर 18 दिसंबर से तालाबंदी कर आंदोलन और तेज होता है।
