देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक अनोखा मोड़ आ गया है, जहाँ अब नेताओं की राजनीतिक अस्थिरता का कारण ज्योतिषीय दोषों को बताया जा रहा है। राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत पर उनकी बार-बार पार्टी बदलने की आदत को लेकर तीखा हमला बोला है और इसे उनकी कुंडली का दोष बताया है।
‘नारी खड़ाष्टक योग’ बना राजनीतिक दोष
महेंद्र भट्ट ने हरक सिंह रावत पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे दूसरों के हाथ देखते रहते हैं, लेकिन कभी अपनी कुंडली नहीं देखी। भट्ट ने दावा किया, “उनकी जन्मपत्री में नारी खड़ाष्टक योग है। यही बड़ा दोष उन्हें किसी भी दल में स्थायी रूप से टिकने नहीं देता।”
भट्ट ने हरक सिंह रावत के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा, सपा, भाजपा और अब कांग्रेस—कहीं भी उनकी कुंडली मैच नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि “भाजपा में भी यह दोष काम आया और उन्हें बाहर जाना पड़ा। कांग्रेस में भी यह दोष जल्दी ही असर दिखाएगा।”
‘पहले पंडित जी को दिखाएं कुंडली’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे मज़ाकिया लहजे में कहा कि वह अब पंडिताई का काम छोड़ चुके हैं, लेकिन बिना जन्मपत्री देखे भी बता सकते हैं कि उनका ‘नारी खड़ाष्टक दोष’ इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।
उन्होंने हरक सिंह रावत को सलाह देते हुए कहा, “पहले वे किसी अच्छे पंडित जी को अपनी कुंडली दिखाएं, फिर राजनीति में स्थिरता की बात करें।”
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
डॉ. हरक सिंह रावत उत्तराखंड के इकलौते ऐसे नेता हैं जो अब तक राज्य की चारों प्रमुख पार्टियों का हिस्सा रह चुके हैं। 2022 में भाजपा से बर्खास्तगी के बाद वे फिर कांग्रेस में लौट आए थे और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सक्रिय दिख रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में महेंद्र भट्ट के इस बयान को लेकर चर्चा गर्म है कि देवभूमि की सियासत में अब कुंडली और दोष-निवारण भी चुनावी हथियार बन चुके हैं
