बर्फबारी
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई और प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। चकराता, मसूरी, धनौल्टी और चौपता जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. चंद्र सिंह तोमर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि यह मौसमी सिस्टम प्रदेश में ठंड बढ़ाएगा और लंबे समय से चल रही शुष्क अवधि को खत्म करेगा।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। वहीं देहरादून, टिहरी और हरिद्वार समेत छह जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन सचिव ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली और पेयजल विभाग को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जेसीबी और स्नो कटर मशीनों की अग्रिम तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।
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ठंड से बचाव के लिए विशेष इंतजाम
ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने, रैन बसेरों की व्यवस्था करने और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
पर्यटन और किसानों के लिए राहत
यह बर्फबारी पर्यटन कारोबार के लिए जहां नई उम्मीद लेकर आई है, वहीं किसानों और जल स्रोतों के लिए भी राहत का संकेत मानी जा रही है। बर्फ से ढके पहाड़ों के मनोरम दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं और आने वाले दिनों में मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
