स्वास्थ्य
देहरादून। चुनावी वर्ष की गहमागहमी के बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बदलाव करते हुए इसकी जिम्मेदारी अनुभवी सचिव सचिन कुर्वे को सौंपी है। सचिव का पदभार ग्रहण करते ही कुर्वे के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पटरी से उतरी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को फिर से व्यवस्थित करने की होगी।
पिछली उपलब्धियों को मिलेगी रफ्तार
पदभार संभालते ही सचिव सचिन कुर्वे ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के पूर्व अधिकारियों द्वारा किए गए बेहतर कार्यों और योजनाओं को और अधिक गति दी जाएगी। उनका मुख्य फोकस योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार बढ़ाने पर है ताकि जनता को जल्द राहत मिल सके।
तकनीक और हेली एम्बुलेंस पर जोर
पहाड़ी क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सचिव ने नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि:
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हेली एम्बुलेंस सेवा: दूरस्थ इलाकों में आपातकालीन स्थिति के लिए हेली एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
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डिजिटल हेल्थ: तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
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बुनियादी ढांचा: दुर्गम क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जानकारों का मानना है कि चुनावी साल होने के कारण सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भारी दबाव है, ऐसे में सचिन कुर्वे का अनुभव विभाग के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
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