अंकिता भंडारी हत्याकांड
देहरादून |राजधानी का परेड ग्राउंड आज नारों और न्याय की मांग से गूंज उठा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आयोजित ‘महापंचायत’ में सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। इस प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी सबसे प्रमुख रही, जो अंकिता के लिए इंसाफ की मांग को लेकर मुखर नजर आईं।
सीबीआई जांच शुरू, पर असंतोष बरकरार
हालांकि सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है और एजेंसी ने मुकदमा दर्ज कर अपनी तफ्तीश भी शुरू कर दी है, लेकिन आंदोलनकारी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि असली न्याय तभी होगा जब उस ‘VIP’ के नाम का सार्वजनिक खुलासा किया जाएगा, जिसका जिक्र इस पूरे मामले की जड़ में है।
मुख्य मांगें और राजनीतिक समर्थन
महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा कि जांच के नाम पर मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस आंदोलन को ‘इंडिया गठबंधन’ का भी समर्थन मिला है, जिससे इस मुद्दे ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है।
‘जब तक नाम नहीं, तब तक न्याय नहीं’
संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा, “जब तक उस रसूखदार व्यक्ति का नाम सामने नहीं आता, तब तक हम इसे अधूरा न्याय मानेंगे। महापंचायत के माध्यम से हम सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।”
