देहरादून|आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों के साथ-साथ सियासी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने धाम की जमीनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर सत्ताधारी भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
‘मास्टर प्लान का 40-50 फीसदी काम अधूरा’
5 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम का स्थलीय निरीक्षण कर लौटे विधायक लखपत सिंह बुटोला ने सरकार के दावों की हवा निकाल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की निगरानी में चल रहे मास्टर प्लान का करीब 40-50 प्रतिशत कार्य अभी भी अधूरा है। बुटोला ने चिंता जताई कि अलकनंदा की चौड़ाई 3 मीटर तक कम हो गई है, जिससे भविष्य में मंदिर और स्थानीय आबादी को खतरा हो सकता है।
विधायक बुटोला की प्रमुख 13 मांगें:
कांग्रेस विधायक ने यात्रा सुचारू बनाने के लिए सरकार के सामने 13 मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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श्रद्धालुओं की संख्या पर लगी सीमा को हटाया जाए।
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यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हमेशा खुला रहे।
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वाहनों का ‘ग्रीन कार्ड’ 6 महीने के लिए वैध हो।
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होटलों को कमर्शियल गैस की आसान उपलब्धता सुनिश्चित हो।
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3 साल पहले तोड़े गए पुरोहितों के आवासों का पुनर्निर्माण हो।
बीजेपी ने कहा: ‘कांग्रेस खुद मान रही है कि विकास हो रहा है’
कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा विधायक विनोद चमोली ने तीखा पलटवार किया है। चमोली ने कहा कि विपक्षी विधायक के बयान से कम से कम यह साफ हो गया है कि धामों में अभूतपूर्व विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा, “चारों धामों में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण जारी है, काम पूरा होने में थोड़ा वक्त जरूर लग रहा है, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएंगी।”
