भरत चौधरी
रुद्रप्रयाग| विधायक भरत चौधरी अपने एक विवादित बयान के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में विधायक सार्वजनिक मंच से अधिकारियों के प्रति आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासनिक हल्कों में भारी रोष है और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है।
वायरल वीडियो एक सार्वजनिक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें विधायक भरत चौधरी को स्पष्ट रूप से यह कहते सुना जा सकता है कि “जो अधिकारी उनकी बात नहीं सुनेगा, वह उनके जूते की सुनेगा।” मंच से दी गई इस धमकी का वीडियो जैसे ही इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ, लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि की गरिमा के विपरीत बताते हुए विधायक की तीखी आलोचना शुरू कर दी।
सचिवालय संघ ने जताई कड़ी आपत्ति
विधायक के इस बयान पर सचिवालय संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेड़ा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा, “सरकार और अधिकारी एक ही तंत्र का हिस्सा हैं और दोनों का लक्ष्य जनसेवा है। अधिकारियों का सम्मान अनिवार्य है और भविष्य में इस तरह की अमर्यादित भाषा की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।”
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सोशल मीडिया पर विधायक की जमकर फजीहत हो रही है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लपकने की तैयारी में हैं, जिसे ‘सत्ता का अहंकार’ बताया जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में विधायक से स्पष्टीकरण मांगता है या विधायक स्वयं इस पर कोई सफाई पेश करते हैं।
