सड़क बर्बाद
रुड़की। तहसील क्षेत्र के सुसाडा गांव में खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। भारी-भरकम डंपरों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण गांव की नई सड़क पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने आज ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और खनन के डंपरों का चक्का जाम कर दिया।
छह महीने में ही दम तोड़ गई नई सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क का निर्माण महज छह महीने पहले हुआ था, वह भारी डंपरों के बोझ तले दबकर पूरी तरह तबाह हो चुकी है। सड़क पर अब डामर की जगह गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मिट्टी निकालने के लिए करीब 16 फुट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं।ये गड्ढे आगामी बरसात के मौसम में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
“खनन माफियाओं ने पूरी सड़क बर्बाद कर दी है। अगर अगले दो दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो हम बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।” — कर्म सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, सुसाडा
प्रशासन की चुप्पी और ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीण यशपाल पांचाल ने बताया कि प्रशासन की सुस्ती के कारण ही उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। हालांकि, मौके पर डंपर रुकने के बाद खनन ठेकेदारों ने जल्द सड़क दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि दो दिन में काम धरातल पर नहीं दिखा, तो वे खनन कार्य को पूरी तरह से ठप करा देंगे।
अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है या ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
