दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे का पहला 32 किलोमीटर लंबा हिस्सा ट्रायल रन के लिए सोमवार 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो गया है, यह ट्रायल पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी से लेकर UP के ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे तक के हिस्से की एलिवेटेड रोड तक किया जा रहा है, और अगले एक महीने तक इस पर कोई टोल नहीं लगेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹11,868.6 करोड़ है।लंबे समय से लोग 213 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के शुभारंभ का इंतजार कर रहे थे जिसका उद्देश्य पूरी तरह से शुरू होने के बाद यात्रा में लगने वाले 6 से 6:30 घंटे को घटकर लगभग ढाई घंटे करना है यह ट्रायल 10 दिनों तक चलने की उम्मीद जताई जा रही है, इसके बाद ही पूर्ण उद्घाटन का निर्णय लिया जाएगा, दिसंबर खत्म होने से पहले आश लगाई जा रही है कि जल्द ही एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया जाएगा,
खास बात यह है कि आम जनता के लिए भी यह रूट खुला है और यदि कोई दिक्कत या परेशानी सफर में होती हैं तो उसे दूर किया जायेगा, फिलहाल ट्रायल रन के दौरान एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए सभी एंट्री और एग्जिट रूट खोले गए हैं,
यह एक्सप्रेसवे एक प्रवेश-नियंत्रित गलियारा होगा,जो दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर क्षेत्र से शुरू होकर बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून से जोड़ेगा।
ट्रायल के लिए एक्सप्रेस वे खुलने के बाद आम लोगों में इस सफर के लिए खुशी और उत्साह देखा जा रहा है, एक्सप्रेसवे का ट्रायल लेने वाले लोगों की माने तो एक्सप्रेसवे बनने से ट्रैफिक की समस्या कम होगी, उनके घंटों का सफर कुछ काम हो जाएगा, और समय की बचत होगी, जिससे देहरादून दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बागपत तक का हिस्सा पिछले 6 महीने से तैयार था लेकिन पूरा एक्सप्रेसवे एक साथ खोलने से योजना के कारण इसे रोका गया था अब ट्रायल शुरू होने से यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने लगेगी।
बतादे, इसे अक्टूबर 2025 तक खोलने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन परियोजना में कई बार देरी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे का उद्घाटन तब किया जाए जब परियोजना केचारों चरण पूर्णरूप से तैयार हो जाएं।
लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बागपत तक का हिस्सा पिछले 6 महीने से तैयार था लेकिन पूरा एक्सप्रेसवे एक साथ खोलने से योजना के कारण इसे रोका गया था अब ट्रायल शुरू होने से यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने लगेगी।
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे की नींव 26 फरवरी 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा रखी गई थी, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2021 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा की गति को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर भारत में यातायात की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

