प्रदीप बत्रा
हरिद्वार। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधिवत हवन-पूजन और दीप प्रज्वलन कर ‘ग्रीन कार्ड योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के लागू होने से अब तीर्थयात्रियों और ट्रैवल व्यवसायियों को कागजी औपचारिकताओं के जाल से मुक्ति मिलेगी।
कागजी झंझट खत्म, समय की होगी बचत
परिवहन मंत्री ने योजना की विशेषता बताते हुए कहा कि ग्रीन कार्ड एक ऐसी आधुनिक सुविधा है, जिसके माध्यम से यात्रा से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को एक ही कार्ड में समाहित किया गया है। अब यात्रियों को अलग-अलग परमिट के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना होगा, जिससे समय की बचत होगी और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नारसन बॉर्डर पर बनेगा हाईटेक सूचना केंद्र
यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार नारसन बॉर्डर पर एक आधुनिक सूचना केंद्र और विश्राम केंद्र स्थापित कर रही है। यहां यात्रियों और वाहन चालकों को न केवल मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि लंबी यात्रा के बीच विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मंत्री बत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
स्वच्छता और प्रकृति के सम्मान की अपील
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने श्रद्धालुओं से देवभूमि की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड आस्था की भूमि है। यदि हम प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान करेंगे, तभी इन पवित्र धामों की दिव्यता और दिव्यता बनी रह पाएगी।” उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
“ग्रीन कार्ड के माध्यम से हम चारधाम यात्रा को डिजिटल और सरल बना रहे हैं। यात्रियों को अब बॉर्डर्स पर लंबी लाइनों और कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है।” (प्रदीप बत्रा, परिवहन मंत्री)
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