13 गायों के शव
रुड़की । मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आसफनगर झील में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गंगनहर में एक साथ 13 गायों के शव तैरते हुए पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में गोवंश के शव मिलने से स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है। गौ रक्षा दल ने इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अंतिम संस्कार
घटना की सूचना मिलते ही गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुचे। मंगलवार देर शाम शव दिखाई देने के बावजूद संसाधनों के अभाव में उन्हें निकाला नहीं जा सका था। बुधवार को पुलिस, गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय साहसी युवक मोनू जलवीर के संयुक्त प्रयासों से जेसीबी मशीन मंगवाई गई। भारी मशक्कत के बाद सभी 13 शवों को नहर से बाहर निकाला गया। प्रशासन की मौजूदगी में गंगनहर के किनारे ही गहरा गड्ढा खोदकर, नमक डालकर सभी शवों को पूरे विधि-विधान के साथ दफना दिया गया।
साजिश की आशंका और आक्रोश
गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे असामाजिक तत्वों की सोची-समझी साजिश करार दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक साथ इतनी गायों की मौत सामान्य नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस कृत्य में संलिप्त दोषियों का पता चलता है, तो उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
“इतनी बड़ी संख्या में गायों के शव मिलना हृदय विदारक है। पुलिस को इस मामले की तह तक जाना चाहिए कि ये शव कहाँ से आए और इन्हें नहर में किसने फेंका।” — गौ रक्षा दल प्रतिनिधि
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या ये गायें किसी बीमारी का शिकार हुई थीं या इनके साथ कोई क्रूरता की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
