खटीमा
खटीमा में मिलेट मेले का भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि सरिता राणा की खाली कुर्सी बनी चर्चा का विषय
खटीमा। एक ओर जहाँ पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘नारी शक्ति’ का वंदन कर रही थी, वहीं जनपद के खटीमा ब्लॉक में एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। ब्लॉक सभागार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयोजित ‘भव्य मिलेट मेले’ से कार्यक्रम की मुख्य शोभा और महिला ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा खुद नदारद रहीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इतने महत्वपूर्ण अवसर पर उनकी अनुपस्थिति क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बनी रही।
सजे थे स्टॉल, उमड़ी थी महिलाओं की भीड़
खटीमा ब्लॉक सभागार में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। कृषि विभाग और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘मोटे अनाज’ को बढ़ावा देने के लिए भव्य प्रदर्शनी लगाई गई थी। क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ शिरकत की और मांडवा, झंगोरा जैसे स्थानीय ‘श्री अन्न’ से बने व्यंजनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया।
खाली कुर्सी और उठते सवाल
जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, लोगों की निगाहें मुख्य अतिथि की खाली कुर्सी पर टिक गईं। विभागीय सूचना और औपचारिक निमंत्रण के बावजूद ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा कार्यक्रम में नहीं पहुँचीं। यह विडंबना ही रही कि महिला सशक्तिकरण के जिस मंच से उन्हें आधी आबादी को संबोधित करना था, वहाँ उनकी गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। मीडिया द्वारा इस अनुपस्थिति के कारणों पर सवाल पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
‘श्री अन्न’ के प्रति जगाई अलख
मुख्य अतिथि की अनुपस्थिति के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से जारी रखा। मेले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मिलेट की खेती और इसके पौष्टिक लाभों के प्रति जागरूक करना था। उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि कैसे स्थानीय उत्पादों के जरिए वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
फिलहाल, खटीमा के गलियारों में चर्चा यही है कि क्या यह केवल समय का अभाव था या इसके पीछे कोई अंदरूनी राजनीतिक खींचतान? कारण जो भी हो, महिला दिवस पर महिला जनप्रतिनिधि की यह दूरी चर्चाओं में है।
