चारधाम
देहरादून। उत्तराखंड की आर्थिकी और आस्था की लाइफलाइन मानी जाने वाली चारधाम यात्रा 2026 के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। वर्ष 2025 की यात्रा की समाप्ति के तुरंत बाद शुरू हुई तैयारियों को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। कपाट खुलने की तिथियां घोषित होने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज कर दी है।
सुव्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष की यात्रा को पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर और अधिक सुगम, सुखद और ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को अत्याधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है।
आस्था का महाकुंभ
बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं। सरकार का प्रयास है कि इस बार श्रद्धालुओं को न केवल बेहतर दर्शन मिलें, बल्कि उनका उत्तराखंड प्रवास पूरी तरह सुरक्षित और सुगम रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी निर्माण और मरम्मत कार्य समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं।
