हवाई कनेक्टिविटी
देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़े रणनीतिक कदम की ओर बढ़ रही है। सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को लेकर जल्द ही उत्तराखंड सरकार, भारतीय वायु सेना और रक्षा मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक एग्रीमेंट के तहत इन दोनों हवाई पट्टियों को ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ के रूप में विकसित करने के लिए अगले 30 वर्षों के लिए रक्षा मंत्रालय को लीज पर दिया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को पहले ही हरी झंडी दे दी है।
नागरिक उड्डयन सचिव सचिन कुर्वे के अनुसार, यह एक अनूठा और साझा कार्यात्मक समझौता होगा। इसके तहत रन-वे, टैक्सी-वे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सीएनएस जैसी तकनीकी सुविधाओं का संचालन और रखरखाव पूरी तरह से भारतीय वायु सेना द्वारा किया जाएगा। वहीं, सिविल टर्मिनल बिल्डिंग और यात्री सुविधाओं का जिम्मा राज्य सरकार के पास रहेगा। वायुसेना द्वारा एटीसी सुविधाएं प्रदान किए जाने से देहरादून से इन क्षेत्रों के लिए हेली कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और भविष्य में यहाँ से फिक्स्ड विंग का संचालन भी आसान हो जाएगा।
हवाई सेवाओं का यह विस्तार न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य शक्ति को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि पर्यटन और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी गेम-चेंजर साबित होगा। नागरिक उड्डयन विभाग का विशेष ध्यान उन दुर्गम क्षेत्रों पर है जहाँ सड़क मार्ग से पहुंचना कठिन है। अल्मोड़ा, पौड़ी और चंपावत जैसे जिलों को भी जल्द हेली सेवाओं से जोड़ने की तैयारी है। यह योजना न सिर्फ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सफर आसान करेगी, बल्कि आपदा जैसी आपातकालीन स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
