Rapido पर प्रशासन का कड़ा
हरिद्वार| धर्मनगरी में ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनी ‘रैपिडो’ परिवहन विभाग के रडार पर आ गई है। निजी पंजीकरण वाली मोटरसाइकिलों का व्यावसायिक उपयोग कर नियमों की धज्जियां उड़ाने के मामले में एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने कंपनी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिले में ऐप के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की संस्तुति की जा सकती है।
निजी बाइक का कमर्शियल इस्तेमाल बना आधार
मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते 28 जनवरी 2026 को रैपिडो ऐप के माध्यम से एक राइड बुक की गई। जांच के दौरान आवंटित बाइक निजी श्रेणी में पंजीकृत पाई गई। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत निजी वाहनों का उपयोग यात्री परिवहन (व्यावसायिक) के लिए करना पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है।
7 दिन का अल्टीमेटम: बैन की तैयारी
एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा द्वारा जारी नोटिस में कंपनी से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने पूछा है कि आखिर किन वैधानिक प्रावधानों के तहत निजी वाहनों को कमर्शियल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया? यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता है, तो कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई और हरिद्वार में ऐप बैन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों की दो टूक
एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने स्पष्ट किया कि, “निजी पंजीकरण वाले वाहनों से सवारी ढोना कानूनन अपराध है। कंपनियों को नियमों की पूरी जानकारी होती है, इसके बावजूद ऐसे उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सुरक्षा और नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
